ज़िंदा हो तुम!

(One for the dark days) क्यों गुमसुम सा है ये आसमान, कुछ हज़ारो रंग बिखरे थे कल जहां. सपने जिस आँचल में थे सिमटे खुला छोड़ा किसने, किस्से पूछे? क्यों खो गए हो तुम? ख्वाबो से निकल कर ख्वाब सजाते थे तुम. तिनके भर उम्मीद लेकर, दिल से दिल की राह चुनते थे तुम. कुछ … More ज़िंदा हो तुम!